सर्वांगासन के 10 चमत्कारी फ़ायदे | Sarvangasana Benefits

सर्वांग-आसन को को योग की “Queen” कहा जाता हैं। क्योंकि इस एक आसन के अभ्यास से  शरीर के सभी भागों की कार्यप्रणाली बहुत अच्छी हो जाती हैं।

सर्वांगासन तीन शब्दों से मिल कर बना हैं। जिसका अर्थ है की शरीर के सभी अंगो के लिए एक योग पोजीशन |

सर्व – सभी

अंग- शरीर के भाग

आसन – योग पोजीशन

सर्वांगासन को करने से पहले हमेशा योग के सूक्ष्म व्यायाम कर लेना चाहिए | क्योंकि Sarvangasan एक जटिल आसन हैं। ओर हमारी बॉडी मे किसी भी प्रकार की अकड़न नहीं होनी चाहिए |

सर्वांगासन के 10 चमत्कारी फ़ायदे | Sarvangasana Benefits

How To Do Sarvangasana (सर्वांगासन करने की विधि) –

  • सर्वप्रथम सूक्ष्म योग व्यायाम करने के बाद एक साफ़, हवादार खुली जगह मे योगा-मेट या दरी मे शवासन की पोजीशन मे पीठ के बल लेट जाए | ओर धीरे-धीरे लंबी गहरी श्वास लेनी ओर छोड़नी (inhale & Exhale) हैं।
  • अब दोनों पैरों (Legs) को श्वास छोड़ते(Exhale) हुए ऊपर की तरफ लम्बवत (90 degree) लाना हैं। ओर दोनों हाथों की हथेली को जमीन पर रखते हुए Legs को ऊपर उठाने में support करना हैं।
  • अब दोनों हाथों की कोहनी को मोड़ते हुए हाथों की हथेली से कमर के उपरी भाग को support करना हैं। legs ओर कमर को बिल्कुल असमान की तरफ (180 degree) ऊपर सीधे करने की कोशिश करनी हैं। इस पोजीशन में शरीर का पूरा weight(भार) आपके कंधो पर आना चाहिए | ओर गर्दन हल्की सी खोपड़ी की तरफ मुड़ी होनी चाहिए | इस पोजीशन मे विशुद्ध चक्र का जागरण होता हैं।
  • अब इस पोजीशन मे 30 सेकंड से 2 मिनट तक रहना हैं। ओर धीरे-धीरे सांस लेनी ओर छोड़नी (Inhale & Exhale) हैं।
  • अब आसन की पुनःप्रारंभिक पोजीशन मे वापस आने के लिए धीरे-धीरे पैरों को पेट की तरफ मोड़ते हुए नीचे की तरफ लाना है ओर हाथों की हथेली के सपोर्ट के साथ पैरों को नीचे जमीन पर वापस रखना हैं। इस प्रकार Sarvangasan(शोल्डर-स्टैंड) का चक्र पूरा होता हैं। इस प्रकार हम सर्वांगासन (Shoulder-stand) 3 से 5 बार कर सकते हैं।

इस प्रकार हम रेगुलर योग अभ्यास से Sarvangasana(सर्वांग-आसना) मे निपुण हो सकते हैं।

सर्वांगासन करते समय कुछ सावधानिया (Awareness while doing Shoulder stand asan) – 

  • शरीर को बिल्कुल सीधा रखने की कोशिश करनी हैं। .
  • शरीर का संतुलन रखना हैं।
  • गले ओर थायरॉयड ग्रंथि पर ध्यान केन्द्रित करना हैं।
  • जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर and Heart से Related कोई समस्या हो उन्हे सर्वांगासन नहीं करना चाहिए|

अब हम सर्वांगासन से शरीर मे होने वाले फ़ायदों(Benefits) की समीक्षा करते हैं।

Benefits of Sarvangasana(सर्वांगासन के फ़ायदे):-

  • बालों का झड़ना कम होना (Reduction in Hair Fall):-

Sarvangasan से खोपड़ी में रक्त और पोषक तत्वों की आपूर्ति बढ़ जाती हैं। जिससे बालों की जड़ो का अच्छा पोषण होता हैं। ओर हमारे सर के बाल मजबूत ओर काले होते हैं। जिससे बालों के झड़ने की समस्या कम हो जाती हैं।

  • दिमाग की ओर रक्त परिसंचरण मे सुधार (Blood flow towards Mind):-

सर्वांगासन मे पैर ऊपर की तरफ होने की वजह से गुरुत्वाकर्षण के कारण रक्त का flow विपरीत दिशा मे पैरों से मस्तिष्क की ओर अच्छा होता हैं। जिससे से दिमाग को अच्छा पोषण मिलता हैं। ओर माइंड बिल्कुल रिलैक्स हो जाता हैं। कोलोस्ट्रोल कम होता हैं।

  • स्नायु तंत्र को मजबूत बनाना (Make Strong Nervous System):-

सर्वांगासन स्नायु तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे सर्दी, जुकाम, ख़ासी ओर सिरदर्द से राहत मिलती हैं।

  • पाचन-तंत्र का मजबूत होना (Metabolizm rate Increase):-

Sarvangasan ka sabsay acha benefits ये है की शरीर पर गुरुत्वाकर्षण खिचाव से पेट की मांसपेशियों का अच्छा व्यायाम होता हैं। जिससे मेटाबोलिज्म रेट (पाचन-क्रिया) अच्छी होने से भोजान का पाचन अच्छे से होता हैं। कब्ज़ की समस्या नहीं होती हैं।

  • शरीर मे लचीलापन ओर रीढ़ की हड्डी को मजबूत (Increase Flexibility & Strength):-

Most important Benefits of Sarvangasana ये है की रीढ़ की हड्डी को flexible ओर मजबूत बनता हैं। पीठ की ताकत को बढ़ाता है ओर पीठ का Posture ठीक करता हैं।

  • थायरॉयड ग्रंथि को मजबूत (Strength of Thyroid Gland):-

Sarvangasana का अभ्यास थायराइड ओर पैराथायराइड ग्रंथियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता हैं। जिससे इन ग्रंथियों का स्वास्थ्य अच्छा होता हैं। इस प्रकार थायराइड हार्मोन के अनियमित स्त्राव को शुरुआत मे ही रोका जा सकता है।

  • तंत्रिका तंत्र को शांत करता हैं। दैनिक प्रैक्टिस से पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम पर एक शांत प्रभाव पैदा होता है जिससे मानसिक शान्ति और स्थिरता प्राप्त होती हैं।
  • विशुद्ध चक्र (गले का चक्र) का जागरण होता हैं। जो की अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और संचार से जुड़ा पांचवाँ चक्र। इससे नकारात्मक भाव दूर होता हैं।
  • सर्वांगासन साउंड स्लीप में मदद करता हैं। सर्वांगासन शरीर को संतुलित और मन को शांत करने वाले कई शारीरिक और मानसिक लाभ प्रदान करता है। जिससे नींद अच्छी आती हैं।
  • सर्वांगासन Heart की कार्यकुशलता को बढ़ाता हैं।

Sarvangasan का अपने दैनिक जीवन मे प्रतिदिन अभ्यास करना चाहिए | जिससे शांति, आत्मविश्वास और कल्याण की भावना को हम महसूस कर पायेंगे | सर्वांगासन का अभ्यास हमेशा एक अनुभवी शिक्षक की देखरेख में करे |

Health related आपका कोई भी सुझाव या गेस्ट पोस्ट हो तो आप हमे anilchandramola1986@gmail.com पर send कर सकते हैं।

और योग के बारे मे किसी भी प्रकार की जानकारी के लिये हमें संपर्क करे -9783666679

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *