सिरदर्द दूर करने के 9 आसान घरेलु उपाय | sar dard ka ilaj |

सिरदर्द (Sar dard) एक आम समस्या है जिसका सामना हम आए दिन करते रहते है। जिसकी वजह से आँखों और शरीर के विभिन्न भागों में दर्द महसूस होता है। और थोड़ा सा रिलैक्स करने के बाद सिरदर्द (Sardard) एक दम छूमंतर भी हो जाता है।

लेकिन आए दिन सिरदर्द (sar mein dard) और आँखों में दर्द होना एक बड़ी स्वाथ्य चिंता का विषय है। अगर हम इस सिर दर्द और आँखों में दर्द के कारण को शुरुआती समय में समझ ले तो इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

तो आईए सिरदर्द होने के कारण, इसके उपचार और बचाव की सभी पहलुओं पर विस्तार से इस लेख में जानते है।

विषय सूचि :-

सिरदर्द क्या है? (Sar dard kya hai)

हमारा मष्तिष्क (दिमाग) शरीर के विभिन्न भागों मुख्तया खोपड़ी (कपालतंत्र) से बहुत सारी नसों से जुड़ा है। और इन नसों मे पेन सेंसटिव स्ट्रक्चर (दर्द महसूस करने का तंत्र) होता है।

हमारे सिर और गर्दन में 9 जगह पेन सेंसटिव स्ट्रक्चर होते है। जैसे :- आँख, नस, कान, नर्व आर्टरी, मांसपेशिया, सबक्यूटेनियस टिशु, साइनस, क्रिनियम और म्यूकस मेम्ब्रेन |

जब भी हम अधिक तनाव या चिंता करते है तो इन नसों में दबाव/प्रेशर बढ़ जाता है और कई बार सुजन हो जाती है। जिसे पेन सेंसटिव स्ट्रक्चर महसूस कर मष्तिस्क को दर्द होने का संदेश देते है।

और यह दर्द अकसर सिर के आगे (माथे) वाले भाग में सबसे ज्यादा महसूस किया जाता है। जिसे हम सिरदर्द (Sardard) कहते है।

सिरदर्द का लेवल और प्रकार में विभिन्ता की वजह से इसका दर्द पूरी खोपड़ी में अलग-अलग भाग में महसूस किया जाता है।

किसी को सिरदर्द होने पर माथे मे दर्द होता है, तो किसी को आँखों में, तो किसी को सर के पिछले भाग में |

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सिर दर्द के प्रकार (Sir dard ke prakar)

सिरदर्द मुख्यतया 5 प्रकार का होता है। जो की अलग-अलग कारणों की वजह से होता है।

(i). तनाव हेडेक (Tension Headache)

sar dard

image source:- The School Of Knowledge

इस प्रकार का सिरदर्द अधिक तनाव, अधिक कार्य और थकान की वजह से होता है। इस प्रकार के सिरदर्द (sar me dard) में सिर की आगे के भाग (Forehead) या कनपटी में दर्द महसूस होता है।

सामान्तया थोड़ी देर आराम करने और सिरदर्द की गोली लेने से इस प्रकार का दर्द 2 से 3 घंटे में दूर हो जाता है।

(ii). क्लस्टर हेडेक (Cluster headache)

इस प्रकार के सिरदर्द (sir me dard) में एक तरफ की आँख में या इसके आसपास बहुत तेज दर्द होता है। ज्यादा दर्द होने पर आँखों में सुजन या लालपन हो जाता है। क्लस्टर हेडेक आँखों में दर्द का सबसे बड़ा कारण है।

(iii). माइग्रेन हेडेक (Migraine headache)

माइग्रेन का दर्द सिर के भीतर फड़कता हुआ महसूस होता है। जो की सिर के एक तरफ या दोनों तरफ होता है। यह दर्द एक कील की चुबन की तरह महसूस होता है।

अधिक ध्वनी/शोर और तेज़ प्रकाश में यह दर्द ओर तेज़ हो जाता है।

(iv). साइनस हेडेक (Sinus headache)

जिन लोगों को एलर्जी, जुखाम की समस्या ज्यादा रहती है उन लोगों को साइनस हेडेक होता है। इस प्रकार के सिरदर्द में दर्द, नाक, ऑय-ब्रो और सर के बीच वाले भाग में होता है। यह सिरदर्द जुखाम या बुखार ठीक होने पर कम या खत्म होता है।

(v). हार्मोनल हेडेक (hormonal headaches)

इस प्रकार का सिरदर्द महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है। पीरियड (मासिक चक्र) में एस्ट्रोजन हार्मोन में कमी के वजह सिरदर्द की समस्या रहती है। प्रेगनेंसी के शुरुवाती महीनों में शरीर में हार्मोन बदलाव के वजह से भी हार्मोनल सिरदर्द रहता है।

सिर दर्द और आँखों में दर्द के कारण (Sir dard ke karan)

सिरदर्द आँखों में दर्द होने का मूल कारण है। और सिरदर्द होने की प्रमुख कारण निम्नलिखित है।

(i). आँखों की रोशनी कमजोर होना

जब हम किसी चीज़ पर ध्यान केन्द्रित करते है तो नज़र कम होने पर आँखों की मांसपेशियों पर ज़ोर पड़ना शुरू हो जाता है। और यह सिर दर्द और आँखों में दर्द के कारण बनता है।

(ii). अधिक तनाव लेना

जब व्यक्ति किसी बात की वजह से खुद पर दबाव महसूस करता है या किसी परिस्थिति या स्थिति की वजह से असमंजस में होता है।

तो व्यक्ति का मन अशांत हो जाता है जिसकी वजह से दिमाग पर प्रेशर बढ़ता है। और सिर की नसों में दर्द होना शुरू हो जाता है।

(iii). मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर रेडिएशन

आज का समय टेक्नोलॉजी का है लेकिन जब हम मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर पर बहुत ज्यादा समय व्यतित करते है तो हम इन से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन के ज्यादा संपर्क में आते है। जो सिर दर्द और आँखों में दर्द का प्रमुख कारण है।

(iv). पानी कम पीना

कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) की समस्या होती है। जिसकी वजह से दिमाग की नसों में संकुचन होने और ज़ोर पड़ने से सिरदर्द (sirdard) शुरू हो जाता है।

(v). नींद की कमी

आज की अत्यंत व्यस्त और अनियमित दिनचर्या की वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती है। जिसकी वजह से दिमाग और आँखों को पूरा आराम नही मिल पाता है। जो की कुछ समय बाद सिरदर्द (sardard) का रूप ले लेता है।

(vi). दवाइयों और चाय-कोफ़ी का अधिक सेवन

दवाइयों का ज्यादा दिन तक लेने के कारण रिबाउंड सिरदर्द की समस्या रहती है। और जो लोग चाय और कोफ़ी का अधिक सेवन करते है उन्हें चाय और कोफ़ी नहीं मिलने पर सिरदर्द की समस्या अकसर रहती है।

(vii). हाई ब्लड प्रेशर

जब ब्लड प्रेशर बढ़ता है तो नसों पर प्रेशर बढ़ जाता है। जिसकी वजह से पेन सेंसटिव स्ट्रक्चर दिमाग को दर्द होने का सन्देश देता है।

(viii). प्रदूषित वातावरण

अगर हमारा ज्यादा समय प्रदूषित और अधिक शोर वाले वातावरण में व्यतित होता है। तो सिरदर्द होने की सम्भावना ज्यादा होती है।

(ix). व्यायाम नहीं करना

व्यायाम नहीं करने से शरीर की मांसपेशियों में अकडन सी रहती है और शरीर में भारीपन रहता है। जो सिरदर्द होने का प्रमुख लक्षण है।

(x). अधिक शराब और धुम्रपान का सेवन

अधिक शराब और धुम्रपान ब्लड प्रेशर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है जिसकी वजह से सिर की नसों में दर्द होने से सरदर्द (Sardard) होता है।

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दोस्तों उपरोक्त सभी कारण किसी ना किसी रूप में सिरदर्द (Sar me dard) का कारण होते है। लेकिन अगर हम थोड़ी सी सजगता रखे तो सिरदर्द को दूर रख सकते है।

सिरदर्द का इलाज (Sar dard ka ilaj)

सिर दर्द (Sardard) की समस्या को काफी हद तक हम अपनी जीवनशैली को नियमित और सिर दर्द के घरेलू उपाय करके दूर कर सकते है।

(i). नियमित रूप से योग करे

अगर आप नियमित रूप से सिर दर्द के योग आसनों और प्राणायामों का अभ्यास करते है तो आपका मन और शरीर हल्का महसूस होता है। क्योंकि व्यायाम करने से शरीर के सभी अंग क्रियान्वित हो जाते है।

नियमित रूप से बालासन, शवासन, सर्वांगासन, धनुरासन, अनुलोम विलोम, कपालभाती और सूर्य नमस्कार आदि योग आसनों और प्राणायामों अभ्यास करना सबसे अच्छा सिर दर्द को दूर करने का मंत्र है।

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(ii). एक झपकी ज़रूर ले

जब भी आपको सिरदर्द महसूस हो तो सिर दर्द के घरेलू उपाय के रूप में थोड़ी देर के लिए आराम से बैठ कर या लेट कर आखें बंद करके एक झपकी ज़रूर ले |

आपको सिरदर्द में बहुत आराम मिलेगा | कोशिश करे दिन में लगातार काम से 15 मिनट का ब्रेक ज़रूर ले |

(iii). सुबह की धुप का सेवन करे

अगर आप नियमित रूप से सुबह के समय धुप का सेवन करते है। तो शरीर को विटामिन-डी की अच्छी आपूर्ती होती है।

जिससे पूरा शरीर खीला-खीला और हल्का महसूस होता है।

(iv). लौंग को गर्म करके सूंघे

सिरदर्द के तुरन्त इलाज़ (sar dard ka ilaj) के लिए लौंग को गर्म करके एक रुमाल में बाँध ले फिर इसे कुछ देर तक सूंघने से सिरदर्द से बहुत राहत मिलती है।

(v). नियमित अन्तराल में सिर की मालिश करे

सर्दियों में सरसों और लौंग के तेल से और गर्मियों में नवरतन या ठंडे तेल से सिर के मालिश करना सिर दर्द दूर करने का मूल मंत्र है।

(vi). अदरक की चाय

अदरक वाली चाय सामान्य सिरदर्द (sardard) को को दूर करने का सबसे अच्छा घरेलू उपाय है।

(viii). सिरदर्द की दवा (sir dard ki dawa)

एक चम्मच हिंग को पानी मिलाकर पेस्ट बना ले अब इस पेस्ट को अपने माथे (सिर) पर लगा ले | हींग का लेप मांसपेशियों से तनाव को दूर करके सिरदर्द को दूर करता है।

ठीक इसी तरह सिरदर्द की दवा के रूप में एलोवेरा जैल को एक चुटकी हल्दी और दो बूंद लौंग के तेल में मिलाकर पेस्ट बना ले |

फिर इस पेस्ट को माथे पर लगा ले | 10 मिनट में ही आपको सिरदर्द से आराम मिल जाएगा |

सिरदर्द की दवा के रूप में Aspirin, Naproxen, Ibuprofen और paracetamol आदि एलोपैथिक दवा सबसे ज्यादा उपयोग की जाती है।

(ix). कंप्यूटर, मोबाइल और इलेक्ट्रानिक गैजेट्स का उपयोग अधिक समय और कम रोशनी वाली जगह पर करने से बचे |

क्योंकि कम रोशनी वाली जगह पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग करने से इनकी स्क्रीन रेडिएशन से आँखों पर बहुत ज़ोर पड़ता है। जो कि बाद में सिरदर्द (sar dard) का कारण बनता है।

दोस्तों एक प्रकार इस लेख के माध्यम से हमने सिरदर्द (Sardard) क्या है , सिरदर्द के प्रकार. और सिरदर्द दूर करने के उपायों को विस्तार पूर्वक समझा | लेख को ओर बेहतर बनाने के लिए आप के सुझाव कमेंट बॉक्स में आमंत्रित है।

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लेखक परिचय :-

मैं अनिल रमोला पेशे से एक मैकेनिकल इंजीनियर हूँ। ब्लॉग लेखन मेरा जुनून है और मैंने मार्च-2020 से ब्लॉग लेखन शुरू किया है। और मैं अब तक 100 से ज्यादा हेल्थ टिप्स, योगा और मोटिवेशनल ब्लॉग लिख चुका हूँ।

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