Paschimottanasana benefits | पश्चिमोत्तानासन योग के लाभ | Seated Forward Bend

Paschimottanasana(पश्चिमोत्तानासन) दो शब्दों से मिलकर बना है| पश्चिम + उत्तानासन जिसका अर्थ होता है शरीर के पछले भाग को को आगे की ओर खिंचना | अंग्रेजी मे इसे  Seated Forward bend pose कहते है| यह आसन पूरे शरीर में खिंचाव के लिए सबसे प्रभावी पोज़ में से एक है।

Paschimottanasana Benefits और इसके बारे मे और अधिक जानकारी प्राप्त करते है|

  1. पश्चिमोत्तानासन के लाभ –  Paschimottanasana ke fayde
  2. पश्चिमोत्तानासन से पहले किये जाने वाले आसन – Paschimottanasana say pahle kiye janay waly asan)
  3. पश्चिमोत्तानासन योग करने की विधि – Paschimottanasana karne ka tarika 
  4. पश्चिमोत्तानासन करने मे सावधानियां और अंतर्विरोध -Precautions And Contraindications)
  5. पश्चिमोत्तानासन के बाद किये जाने वाले आसन – Paschimottanasana ke baad kiye janay waly asan

पश्चिमोत्तानासन के लाभ (Paschimottanasana Benefits):-

  • पश्चिमोत्तानासन  पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है|
  • हैमस्ट्रिंग को लंबा करता है|
  • कमर और पेट की चर्बी (Balley Fat) को कम करता है|
  • शरीर का वज़न कम करता है|
  • कमर दर्द को दूर करता है|
  • शरीर को लचीला बनाता है|
  • आसन के नियमित अभ्यास से श्रोणि(पेल्विक) क्षेत्र को सीधी मालिश मिलती है, जो विभिन्न प्रकार की यौन विकृतियों जैसे रजोनिवृत्ति, मासिक धर्म की परेशानी आदि के लिए सहायक है।
  • मधुमेह रोग़ की रोकथाम और प्रबंधन को सुनिश्चित करता है|
  • पाचन तंत्र को मजबूत करता है जिससे कब्ज और गैस की समस्या दूर होती है|
  • इस आसन का अभ्यास गुर्दे, यकृत और अधिवृक्क ग्रंथियों के भी लिए अच्छा है।
  • पश्चिमोत्तानासन के निरन्तर अभ्यास से तनाव, चिंता, और अवसाद दूर होता है और ध्यान लागने मे आसानी होती है|
  • हैमस्ट्रिंग से दर्द और जकड़न से राहत देता है|
  • ब्लड pressure को नियंत्रित करता है|

पश्चिमोत्तानासन से पहले किये जाने वाले आसन (Do before Pachimottanasana):-

पश्चिमोत्तानासन का उत्तम लाभ लेने के लिए आप को निम्न आसनों का अभ्यास पश्चिमोत्तानासन से पहले करना चाहिए|

  1. ताड़ासन(Tadasana)
  2. पवनमुक्तासन(Pawanmukthasana)
  3. बालासन (Child pose)
  4. उत्तानासन (Standing Forward Bend)
  5. वीरभद्रासन (Warrior Pose)

पश्चिमोत्तानासन योग करने की विधि (How to do Paschimottanasana):-

  • सर्वप्रथम साफ़ जगह पर योगा मेट या दरी बिछा कमर को सीधा कर बैठ जाए|
  • अब दोनों पैरों को सामने की तरफ़ सीधा एक दुसरे के समीप कर ले और पैरों की उंगलियों और पंजों को लचीला(Relax) रखें।
  • एक गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं|
  • जितना संभव हो सके दोनों हाथों,कंधों और गर्दन को सर के पीछे ऊपर की तरफ संतुलन बनाते हुए खिंचे| कुछ समय इस position मे बने रहे|
  • अब सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों को फिर से नीचे पैरों की उंगलियों की तरफ़ लाना है| और कोशिश करनी है की आप की नाक पैरों के घुटनों और हाथों की उंगलिया पैरों के पंजों को स्पर्श कर ले|
  • अब इस पोजीशन मे सम्पूर्ण कमर और कुल्हों(Hips) मे खिंचाव को महसूस करे|
  • अब फिर से दोनों हाथों ओर गर्दन को सांस लेते हुए ऊपर की तरफ़ ले जाए| ओर पुनः उपरोक्त Steps को 4 से 5 बार करे|

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पश्चिमोत्तानासन करने मे सावधानियां और अंतर्विरोध(Precautions And Contraindications):-

Pachimottanasana को करने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

  • अस्थमा या दस्त होने पर इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को इस आसन को प्रमाणित योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए|
  • अगर पेट का हाल ही मे कोई ऑपरेशन हुआ है तो भी आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|

पश्चिमोत्तानासन के बाद किये जाने वाले आसन (Do after  Paschimottanasana):-

योग करने का नियम है की आसन के बाद विपरीत आसन करने से शरीर के सभी अंगो को बहुत लाभ मिलता है|  Paschimottanasana के बाद निम्नलिखित आसनों को करने से शरीर बिल्कुल रिलैक्स और फुर्तीला महसुस करता है|

  1. भुजंगासन (Cobra Pose)
  2. धनुरासन (Bow Pose)
  3. शलभासन Locust Pose( शलभासन)

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Blog Writer:- Anil Ramola

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